Home » Ajab Gajab » इस असुर ने देवताओं को दान किया था अपना शरीर, रोचक है गया में पिंडदान की ये कहानी
loading...

इस असुर ने देवताओं को दान किया था अपना शरीर, रोचक है गया में पिंडदान की ये कहानी

विष्णु पुराण के अनुसार गया में पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिल जाता है। यहां पिंडदान करने से पूर्वज स्वर्ग चले जाते हैं। स्वयं विष्णु यहां पितृ देवता के रूप में मौजूद हैंए इसलिए इसे पितृ तीर्थ भी कहा जाता है। फल्गु नदी के तट पर पिंडदान किए बिना पिंडदान हो ही नहीं सकता।

गरूड़ पुराण में लिखा गया है कि गया जाने के लिए घर से निकलने पर चलने वाले एकण्एक कदम पितरों के स्वर्गारोहण के लिए एक-एक सीढ़ी बन जाता है।

ये है कहानी
भस्मासुर के वंश में गयासुर नामक राक्षस ने कठिन तपस्या कर ब्रह्माजी को प्रसन्न किया। उसने यह वर मांगा कि उसका शरीर देवताओं की तरह पवित्र हो जाए। उसके दर्शन से सभी पाप मुक्त हो जाएं। ब्रम्हाजी से वर प्राप्त होने के बाद लोग पाप करने के बाद भी गयासुर के दर्शन करके स्वर्ग पहुंच जाते थे।

जिससे स्वर्ग पहुंचने वालों की संख्या तेजी से बढऩे लगी। इस समस्या से बचने के लिए देवताओं ने यज्ञ के लिए पवित्र स्थल की मांग गयासुर से की। गयासुर ने अपना शरीर देवताओं को यज्ञ के लिए दे दिया। जब गयासुर लेटा तो उसका शरीर पांच कोस तक फैल गया। इससे प्रसन्न देवताओं ने गयासुर को वरदान दिया कि इस स्थान पर जो भी तर्पण करने पहुंचेगा उसे मुक्ति मिलेगी।

Check Also

honeypreet

आखिरकार मिल ही गई हनीप्रीत…रामरहीम के साथ रिश्तों पर किया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली | डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और जेल में सजा काट रहे गुरमीत राम …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...