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ब्रम्हदेव ने स्वयं किया है इन 22 कुंडों का निर्माण, यहां अब भी स्नान करने आते हैं देवता

कुंड धार्मिक स्थलों के नजदीक होने के कारण लोगों की आस्था से खासतौर पर जुड़े हैं। जानते हैं बिहार के एक ऐसे कुंड के बारे में जिसकी चर्चा विदेशों तक है। पटना से महज 85 किलोमीटर की दूरी पर राजगीर ब्रह्मा की यज्ञ भूमि, संस्कृति और वैभव का केंद्र एवं जैन तीर्थंकर महावीर और भगवान बुद्ध की साधना भूमि रहा है।

राजगीर में गर्म पानी का कुंड है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र राजा बसु ने राजगीर के ब्रह्मकुंड परिसर में एक यज्ञ का आयोजन कराया था। इसी दौरान यहां आए देवी-देवताओं को एक ही कुंड में स्नान करने में परेशानी होने लगी।

तभी ब्रह्मा ने यहां 22 कुंड और 52 जलधाराओं का निर्माण कराया था। वैभारगिरी पर्वत की सीढ़ियों पर मंदिरों के बीच गर्म जल के कई झरने हैं। यहां हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां देवता भी स्नान करने आते हैं।

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